नव वर्ष

नव वर्ष, नव हर्ष
न  उत्कर्ष, नव विचार विमर्श
नव चेतना, नव आत्म स्पर्श
नव विचार, नव संस्कार
नव संसार, नव संतुलित आहार
नव निष्कपट प्यार,नव मृदुल व्यवहार
नव भोर, नव हर्ष हर ओर
नव बालक, नव वृद्ध, नव किशोर
नव सृष्टि मनोहर, नव पवन हिलोर
नव धरती, नव आसमान, नव मान सम्मान
नव खेत खलिहान, नव मुस्कान
नव आरजू, नव अरमान
संसार में सब कुछ नव,नवीन,नूतन,नया
जन जन में बढ़े प्यार, विश्वास दया
भुला दो जो बीत गया
आओ करें नयी शुरूआत
बढ़ाएं आपसी मुलाकात
दें भाईचारे की सौगात
साथ चलें ले हाथ में हाथ
हो शांति की बात
सुनहरी हो सुबह, चाँदनी हो रात
इस सब के साथ आओ नव वर्ष में कदम बढ़ाएं
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं ।

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About ajaykohli

Consultant ,deals in life management, psychology, astrology ,vaastu , fitness ,diet ,relationship counseling

Posted on December 31, 2016, in india, poetry. Bookmark the permalink. 3 Comments.

  1. I guess there is something missing in second line

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  2. Yes its” व ” ,thanks

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