रिश्ते

वैसे,तो मुझे पसंद नहीं दीपावली का त्योहार
पर इसमें रिश्तों की पहचान करा देते है उपहार
आधा किलो सोन पापड़ी अगर आए
समझ लेना,  रिश्ता मजबूरी, या धोबी,या चौकीदार
अगर एक किलो सोन पापड़ी तक आ जाए बात
समझ लेना कुछ बड़ी इन सबसे औकात
अगर बात पहुंच जाए, काजू, बदाम
या फिर मिले गिलास पीने के लिए जाम
मतलब रिश्तों की सूची में ऊपर हो रहा है नाम
और अगर मिक्सर के साथ आएं अखरोट
समझ जाओ, मामला है, या नोट या वोट
या फिर नीयत में है कोई खोट
अगर आए शराब की बोतल, या हॉलीडे इन होटल
समझ जाओ मामला गंभीर है टोटल
वधु के घर से वर के घर आना चाहिए बड़ा उपहार
नहीं तो वधु का पूरा साल तानों से बेकार
सबसे खास उपहार पाती है साली
नहीं तो पति के लिए पत्नी बन जाए काली
मुहर्रम बना दे पत्नी, पति की दीवाली
सबसे सुखी वो,जिनको न लेना, न देना है उपहार
क्योंकि वो समझ गए जीवन का सार
रिश्ते सब झूठे
न दो बराबरी का उपहार तो रहें रूठे
बीवी, बच्चे, सांडू, साली
सब मतलब के लिए करें हैप्पी दीवाली ।

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About ajaykohli

Consultant ,deals in life management, psychology, astrology ,vaastu , fitness ,diet ,relationship counseling

Posted on November 2, 2016, in india, poetry. Bookmark the permalink. Leave a comment.

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